हीरे की खनिजीय बनावट क्या है?

हीरा दुनिया के सबसे मूल्यवान और सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थों में से एक है। रासायनिक रूप से हीरा कार्बन का शुद्धतम रूप होता है। यही वजह है कि इसकी आंतरिक संरचना इतनी मजबूत होती है।

हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ मजबूत सह-संयोजी बंध से जुड़ा होता है। इस तरह की संरचना के कारण यह एक त्रि-आयामी जाली बनाता है, जो इसे अत्यधिक कठोर बना देती है। कार्बन के बाहरी कक्ष में मौजूद चारों इलेक्ट्रॉन सह-संयोजी बंध में पूरी तरह भाग लेते हैं।

इसमें कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होता, जिसके कारण हीरा विद्युत का कुचालक होता है, भले ही यह इतना सुंदर और चमकदार क्यों न लगे। यही खास बनावट इसे न केवल गहनों में बेहद पसंद किया जाने का कारण बनाती है, बल्कि औद्योगिक उपयोगों में भी अहम जगह देती है।

हीरे की यह अद्वितीय संरचना पृथ्वी के गहरे भीतर अत्यधिक दबाव और तापमान में लाखों सालों में बनती है।

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