इस दुनिया का पिता कौन है?
हिंदू धर्म में भगवान कृष्ण को सृष्टि के सर्वोच्च स्रोत माना जाता है। भगवद गीता के अध्याय 9, श्लोक 17 में कृष्ण स्वयं कहते हैं: "पिता हम अस्य जगतो माता धाता पितामहः"—अर्थात, "मैं इस जगत का पिता, माता, पालनहार और दादा हूँ।" यह श्लोक न केवल उनकी दिव्यता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि सम्पूर्ण ब्रह्मांड और उसमें रहने वाले सभी प्राणी उन्हीं की शक्ति से संचालित हैं।
इस विचार की गहराई यह है कि भगवान केवल एक निर्माता नहीं, बल्कि एक स्नेही परिवार के सदस्य के रूप में भी उपस्थित हैं। वे पिता की तरह संरक्षण देते हैं, माता की तरह पालन-पोषण करते हैं, और दादा की तरह ज्ञान व स्थिरता प्रदान करते हैं। एक टिप्पणीकार ने सही कहा है कि ईश्वर ब्रह्मांड का मूल स्रोत है, इसलिए वह प्रत्येक जीव के पिता, माता और पूर्वज भी है।
यह अवधारणा सिर्फ धार्मिक विश्वास से आगे बढ़कर एक आध्यात्मिक सत्य की तरह है—जहाँ हर जीव का अस्त
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