भारत माता की पहली छवि किसने बनाई?
भार, माता का चित्र आज हर कक्षा, धर्मशाला और स्वतंत्रता दिवस के उत्सव में दिखाई देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस पवित्र छवि के जन्म में कैसे राष्ट्रवाद की भावना छलक रही थी? यह कहानी है उस समय की, जब भारत अंग्रेजों की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था और लोग अपनी संस्कृति और पहचान को फिर से खोज रहे थे।
इस छवि के पीछे सबसे पहला नाम आता है बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का। हालांकि उन्होंने कोई चित्र नहीं बनाया, लेकिन उनकी लिखी कविता वंदे मातरम् ने भारत को एक माँ के रूप में प्रस्तुत करने का बीज बो दिया। 1870 के दशक में लिखी गई यह पंक्तियाँ पहले एक उपन्यास का हिस्सा थीं, लेकिन जल्द ही राष्ट्रीय आंदोलन में एक स्त्रोत बन गईं।
समय के साथ, बंकिम की भावनाओं ने कलाकारों को प्रेरित किया। बाद में, भारत माता की छवि एक सात सिर वाली महादेवी के रूप में विकसित हुई, जो ग्रंथ, राष्ट्रीय ध्वज और विज्ञान के प्रतीकों से सुशोभित हैं। लेक
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