भारत की राजधानी: एक ऐतिहासिक यात्रा

भार0 इतिहास में राजधानी का स्थान समय के साथ बदलता रहा है। कई लोगों को लगता है कि दिल्ली हमेशा से राजधानी रही है, लेकिन ऐसा नहीं है। वास्तव में, पूरे इंडिया की राजधानी कई बार बदली गई है।

ब्रिटिश शासन के दौरान सबसे पहले कोलकाता (तब कलकत्ता) भारत की राजधानी थी। यहाँ ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का मुख्यालय था। लेकिन समय बदला, और 1911 में ब्रिटिश सरकार ने एक ऐतिहासिक घोषणा की – राजधानी कोलकाता से हटाकर नई दिल्ली कर दी गई।

नई दिल्ली को एक नए शहर के रूप में डिज़ाइन किया गया, जिसमें भव्य इमारतें, चौड़ी सड़कें और साम्राज्य की छवि को दर्शाने वाले स्मारक शामिल थे। इस नए केंद्र का निर्माण ब्रिटिश वास्तुकारों एडविन लुत्येंस और हरबर्ट बेकर ने किया।

आज, नई दिल्ली न केवल देश की राजधानी है बल्कि राजनीति, संस्कृति और इतिहास का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है। यहाँ संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और अन्य म

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