भारत माता कविता और उसके रचनाकार
भारत माता कविता के रचनाकार सुमित्रानंदन पंत हैं, जो हिंदी साहित्य के एक प्रमुख और भावप्रधान कवि थे। उनकी रचनाओं में देशभक्ति, मानवता और प्रकृति के प्रति गहरा आत्मीय संबंध झलकता है। 'भारत माता' कविता उनकी ऐसी ही एक रचना है, जो विशेष रूप से भारत की आत्मा को एक मातृ रूप में प्रस्तुत करती है।
इस कविता की विशेषता यह है कि यह केवल एक देशभक्ति गीत नहीं है, बल्कि एक ऐसा साहित्यिक आह्वान है जो अपने समय की वेदना, दुख और उम्मीदों को शब्द देता है। पंत ने इसमें उस भारत का चित्रण किया है जो उपनिवेशवाद के युग में पीड़ित था, जिसकी महान सभ्यता धूल में पड़ी थी, लेकिन जिसके अंदर अभी भी जागृति की चिंगारी जल रही थी।
कविता में भारत माता को एक शोकाकुल माँ के रूप में दर्शाया गया है, जो अपने बच्चों की दुर्दशा को देखकर व्यथित है। परंतु इस व्यथा के बीच उनके शब्दों में एक स्पष्ट संकल्प भी है — एक नए भारत के निर्माण का सं
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