4 साल बाद 29 फरवरी क्यों आता है?

29 फरवरी वह तारीख है जो सामान्यतः हर चार साल बाद दिखाई देती है। इसे लीप डे (छलांग का दिन) कहा जाता है। लेकिन यह तारीख वास्तव में क्यों पड़ती है? दरअसल, पृथ्वी को सूर्य की एक पूरी परिक्रमा लगाने में ठीक-ठीक 365 दिन नहीं, बल्कि लगभग 365 दिन, 5 घंटे, 48 मिनट और 46 सेकंड लगते हैं।

इस छोटे से अतिरिक्त समय को ध्यान में रखते हुए, हर चार साल में एक अतिरिक्त दिन जोड़ा जाता है ताकि हमारा कैलेंडर सौर वर्ष के साथ संतुलन बनाए रखे। अगर ऐसा नहीं किया जाए, तो धीरे-धीरे मौसम और महीनों में अंतर आने लगे—जैसे कि गर्मियों में दिसंबर तक पहुंच सके!

यह प्रणाली ग्रेगोरियन कैलेंडर पर आधारित है, जो रोमन सम्राट जूलियस सीज़र के समय बने जूलियन कैलेंडर का सुधार है। ग्रेगोरियन कैलेंडर ने समय की गणना को और अधिक सटीक बनाया है। हालांकि, हर चार साल बाद 29 फरवरी नहीं होता है—अगर वर्ष सदी वर्ष है (जैसे 1700, 18

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