क्या भगवान कृष्ण मांसाहारी थे?
पौराणिक ग्रंथों और कथाओं के अनुसार, श्रीकृष्ण मांसाहारी नहीं थे। उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों में उनके खान-पान का जो वर्णन मिलता है, वह पूरी तरह से सात्विक और शाकाहारी भोजन को दर्शाता है।
बचपन में उनका सबसे प्रिय भोजन मक्खन और मिश्री था, जिसके लिए उन्हें 'माखनचोर' भी कहा जाता है। इसके अलावा, जब वह बड़े हुए और विभिन्न स्थानों पर गए, तो उन्होंने हमेशा सात्विक भोजन ही ग्रहण किया। उदाहरण के लिए, महाभारत काल में जब वह हस्तिनापुर गए थे, तब दुर्योधन की राजसी दावत को छोड़कर उन्होंने विदुर जी के घर जाकर साधारण साग और रुखा-सूखा भोजन खाना पसंद किया था। दुर्योधन ने भी अपनी दावत में मेवे और मिष्ठान्न (मीठी चीजें) परोसे थे, न कि किसी प्रकार का मांसाहार।
इस प्रकार, इतिहास और धार्मिक कथाओं से यही स्पष्ट होता है कि भगवान कृष्ण का आहार पूरी तरह से शुद्ध, सात्विक और शाकाहारी था।
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