बेटी होना कोई गुनाह नहीं, अधिकार है
क्या बेटी होना गुनाह है? यह सवाल सुनकर दिल टूट जाता है। ऐसा लगता है जैसे किसी ने इंसानियत के खिलाफ बोल दिया हो। लेकिन आज भी कई जगह यह सोच जिंदा है कि लड़की पैदा होना कोई अपराध है। यह सोच न सिर्फ गलत है, बल्कि संविधान के खिलाफ भी।
भारत का संविधान दुनिया के सबसे प्रगतिशील और न्यायपूर्ण संविधानों में से एक है। इसने हर नागरिक को बिना किसी भेदभाव के बराबर अधिकार दिए हैं। चाहे व्यक्ति किसी भी जाति, धर्म, लिंग या पृष्ठभूमि का हो, उसे शिक्षा, रोजगार, समानता और गरिमा के सभी द्वार खुले मिलते हैं। लड़कियों को भी इसी संविधान ने घर से लेकर संसद तक जाने का अधिकार दिया है।22 फरवरी 2021 को भी इसी सच्चाई की याद दिलाई गई थी कि बेटी होना कोई कमी नहीं, बल्कि समाज की ताकत है। आज की दुनिया में लाखों लड़कियाँ डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, न्यायाधीश और नेता बनकर देश का नाम रोशन कर रही हैं।
बेटी नहीं, ब
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।