गोवा में पेडर: एक स्वादिष्ठ परंपरा

गोवा की संस्कृति और खानपान को समझने के लिए पेडर शब्द का जानना जरूरी है। ये कोई सामान्य बेकर नहीं, बल्कि गोवा के इतिहास का एक जीता-जागता हिस्सा हैं। पेडर शब्द पुर्तगाली भाषा के 'पादरी' (Padre) से लिया गया है, लेकिन यहाँ इसका मतलब बेकर से है।

सदियों पहले, पुर्तगालियों के शासनकाल में, गोवा में बेकरी का काम एक पेशे के रूप में विकसित हुआ। पेडर न सिर्फ रोटी और पेस्ट्री बनाते थे, बल्कि गाँव-गाँव घूमकर लोगों तक अपना सामान पहुँचाते थे। खासकर सुबह के समय, पेडर के आने की आवाज सुनाई देती थी – ब्रेड की टोकरी के साथ, लकड़ी की बेकरी की गाड़ी के साथ।

आज भी गोवा में पेडर को सम्मान की नजर से देखा जाता है। वे सिर्फ बेकरी नहीं बेचते, बल्कि एक सांस्कृतिक विरासत को जिंदा रखते हैं। उनकी बनाई हुई पोरी, सूजी की ब्रेड, बोलिन्होज़ और बेबी पाउंड केक आज भी स्थानीय लोगों के नाश्ते का हिस्सा है।

अगली बार जब आप गोवा जाएँ, तो किसी

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय