महात्मा गांधी: अहिंसा के प्रतीक
महात्मा गांधी विश्व स्तर पर अपने अहिंसात्मक संघर्ष के लिए सर्वाधिक जाने जाते हैं। उन्होंने सिर्फ भारत की आजादी के लिए ही संघर्ष नहीं किया, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक संदेश छोड़ा — कि सत्य और अहिंसा के माध्यम से बड़े से बड़ा अन्याय भी टूट सकता है।
गांधी जी का मानना था कि अहिंसा सिर्फ एक रणनीति नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन है। उन्होंने दांडी मार्च, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे शांतिपूर्ण आंदोलनों के ज़रिए दुनिया को यह साबित किया कि बिना हिंसा के भी बदलाव संभव है। उनके इस विचार ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर और नेल्सन मंडेला जैसे नेताओं को भी प्रेरित किया।
2 अक्टूबर, गांधी जी की जयंती, को विश्व अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन न सिर्फ उनके जन्मदिन के रूप में, बल्कि उनके संदेश — सत्य, अहिंसा और सादगी — के प्रति वैश्विक सम्मान के रूप में मनाया जाता है।
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