गांधी जी का कपड़ों के प्रति दृष्टिकोण

अक्सर लोग यह सोचते हैं कि गांधी जी कपड़े क्यों नहीं पहनते थे। दरअसल, यह एक भ्रम है। गांधी जी ने नंगे नहीं रहना चुना था, बल्कि उन्होंने एक सादगीपूर्ण और सोची-समझी पोशाक धारण की थी। उन्होंने खादी का चौने धोती पहनकर एक प्रतीकात्मक संदेश देना चाहा था।

यह शैली सिर्फ त्याग नहीं, बल्कि विश्वास भी थी।

गांधी जी के लिए कपड़ा मात्र आवरण नहीं था। वह बिना सिले, स्वहस्त बुने खादी को अपनाते थे। यह न केवल गरीबी और स्वावलंबन का प्रतीक था, बल्कि अंग्रेजी वस्त्रों के विरोध का भी साधन। उनका यह निर्णय धार्मिक रीति से भी प्रभावित था। हिंदू अंतिम संस्कार में मुंडन और कमर से ऊपर वस्त्र न धारण करना एक प्रथा है, जो भौतिकता से त्याग का संकेत देती है। गांधी इसी सरलता और आत्मिक शुद्धता को जीवन में लाना चाहते थे।

एक बार उन्होंने कहा था – "साल खत्म होने वाला है, लेकिन स्वराज हमें अभी नहीं मिला। हम सभी शोक में हैं।" यह ब

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