बौद्ध धर्म भारत में क्यों लुप्त हो गया?
बौद्ध धर्म का उदय भारत में ही हुआ था, लेकिन समय के साथ यह यहाँ से लगभग गायब-सा हो गया। कई कारणों ने मिलकर इस अद्भुत धर्म के पतन में भूमिका निभाई।
पहले तो भारत में हिंदू धर्म के नए रूपों, जैसे वैष्णव और शैव परंपराओं का उदय हुआ, जिन्होंने आम जन के भावनात्मक आकर्षण को बहुत बेहतर ढंग से पूरा किया। बौद्ध धर्म की तुलना में ये परंपराएँ अधिक सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से करीब थीं।
उसके बाद, 5वीं शताब्दी में हूणों के आक्रमण ने बौद्ध धर्म के महान केंद्रों, जैसे नालंदा और तक्षशिला, को बुरी तरह प्रभावित किया। इन विश्वविद्यालयों और विहारों के विनाश से न केवल धार्मिक जीवन बल्कि शिक्षा का केंद्र भी टूट गया।
बाद में, इस्लामी शासकों के आगमन के साथ भी कई बौद्ध संस्थानों को नष्ट कर दिया गया। धीरे-धीरे, बौद्ध भिक्षुओं के लिए आश्रय और समर्थन कम होता गया।
एक ओर जहाँ बौद्ध धर्म श्रीलंका,
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