पाकिस्तान कैसे बना?

पाकिस्तान के निर्माण की विचारधारा कई ऐतिहासिक घटनाओं के बाद धीरे-धीरे आकार लेने लगी। 1937 से 1939 के दौरान, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकारों में मुस्लिम समुदाय के हितों की ओर पर्याप्त ध्यान न दिए जाने की भावना तेजी से फैली।

इसी बीच, मुहम्मद अली जिन्ना, जो पहले हिंदू-मुस्लिम एकता के समर्थक थे, धीरे-धीरे यह मानने लगे कि भारत में मुसलमान और हिंदू दो अलग राष्ट्र हैं — यही ‘द्वि-राष्ट्र सिद्धांत’ कहलाया।

1940 में, शेर-ए-बंगला ए.के. फज़लुल हक़ ने लाहौर में आयोजित मुस्लिम लीग के अधिवेशन में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किया, जिसे आज ‘लाहौर प्रस्ताव’ के नाम से जाना जाता है। इस प्रस्ताव में मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के लिए स्वतंत्र राष्ट्र की मांग की गई, जो बाद में पाकिस्तान के निर्माण की नींव बनी।

जिन्ना ने मुस्लिम लीग का नेतृत्व करते हुए इसी विचार को आगे बढ़ाया और 1947 में अं

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय