माँ यशोदा का प्यार: कृष्ण को दूध पिलाने की मासूम चाल

माँ का प्यार कितना अनोखा होता है, यह तो हमें माता यशोदा और छोटे कान्हा के रिश्ते से समझ में आता है। कृष्ण छोटे हैं तो उनके मन की बात भी बच्चों जैसी होती है। वह दूध पीने में ज़रा सी आलसी सी रहते हैं, लेकिन माँ यशोदा ऐसे ही नहीं हैं!

वह चतुराई से कृष्ण को प्रेरित करती हैं। वह कहती हैं, "अगर तुम रोज़ दूध पिओगे, तो तुम्हारी चोटी भी बलराम भैया की तरह मोटी और बड़ी हो जाएगी!" यह सुनकर कान्हा तुरंत दूध के लिए तैयार हो जाते हैं। क्या खूबसूरत तरीका है प्यार डालने का—सलाह देने की बजाय, एक मासूम सपना दिखाकर बच्चे को सही राह पर लाना।

यह बात केवल दूध पिलाने तक सीमित नहीं है। इसमें छुपा है माँ की समझ, धैर्य और बच्चे के मन को समझने की उस अद्भुत कला का राज़। वह जानती हैं कि छोटे कृष्ण बड़े भैया बलराम से बहुत प्रभावित हैं। इसलिए उसी प्रेम और आदर्श को बहाना बनाती हैं।

यशोदा मैया क

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