यशोदा मैया की गोधन की कसम
भगवान कृष्ण की माँ यशोदा मैया की प्रेममयी छवि हर हृदय में बसी हुई है। उनका प्रेम, सहनशीलता और बाल कृष्ण के प्रति अटूट लगाव हर कहानी में झलकता है। एक बार जब कृष्ण छोटे थे, तो वे माखन चुराकर खा जाते थे। जब यशोदा उन्हें डाँटतीं और पूछतीं कि क्या तुमने माखन चुराया है, तो कृष्ण मासूमियत से मुस्कुराकर कह देते थे – "नहीं मैया, मैंने नहीं खाया।"
तब यशोदा मैया उनकी सच्चाई जानने के लिए गोधन की कसम खाती हैं। वे कहती हैं – "अगर मैंने तुम्हारे हाथ से माखन नहीं खाया हो, तो गोधन की कसम!" क्योंकि गाय और गोबर (गोधन) वृंदावन में पवित्र माने जाते हैं, इसलिए उनकी कसम सबसे बड़ी मानी जाती है।
यह घटना केवल एक छोटी सी लीला नहीं है, बल्कि यशोदा के प्रेम, ईमानदारी और धार्मिक आस्था का प्रतीक है। वे न सिर्फ एक माँ की तरह प्यार करती हैं, बल्कि सच्चाई और पवित्रता के प्रति भी पूर्ण आस्था रखती हैं।
आज भी ग्रामीण भारत में लोग गोधन की कसम को बहु
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