कृष्ण और मक्खन की चोरी: एक मनमोहक लीला
भगवान कृष्ण के बाल लीला की कहानियाँ सदियों से लोगों के दिलों में राज करती हैं। उनमें से एक सबसे प्यारी लीला है — मक्खन चुराने की।
गोकुल के इस नटखट बालक को मक्खन से बहुत लगाव था। जब भी मौका मिलता, वह गोपियों के घरों में छिपे मटकों तक पहुँचने के लिए नई-नई युक्तियाँ अपनाते। कभी वह अपने मित्रों के कंधों पर चढ़कर ऊपर लटकी मटकी तक पहुँचते, तो कभी छोटे-छोटे समूह बनाकर चुपचाप घर में घुस जाते।
मटकी को तोड़कर निकाला गया मक्खन उनके लिए सिर्फ खाने की वस्तु नहीं था, बल्कि प्रेम और मस्ती का प्रतीक था। गोपियाँ उन्हें डांटतीं, लेकिन कृष्ण के मासूम चेहरे और मुस्कान ने हर बार उनका मन पिघला दिया।
यह लीला सिर्फ मजेदार कहानी नहीं, बल्कि यह भी बताती है कि भगवान सीधे तरीके से नहीं, बल्कि प्यार, चालाकी और निराभ्रम हृदय के माध्यम से अपने भक्तों के पास आते हैं। कृष्ण का मक्खन चुराना आज भी बच्चों के मुँह पर मुस्कान ल
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