शकुनी को स्वर्ग क्यों मिला? एक अधूरी कहानी का सच

शकुनी महाभारत के सबसे विवादित पात्रों में से एक हैं। उन्हें अधिकतर छल-कपट और दुर्योधन के साथी के तौर पर याद किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मृत्यु के बाद शकुनी को स्वर्ग की प्राप्ति हुई थी?

दरअसल, पौराणिक कथाओं के अनुसार, शकुनी ने जो भी कुछ किया, वह सिर्फ अपने परिवार के प्रति आस्था और प्रतिशोध की भावना से प्रेरित था। जब उनके पिता ऋष्यश्रिंग के नाम पर धोखे से राज्य छीन लिया गया और परिवार को अन्न के लिए तरसाया गया, तो शकुनी के मन में घृणा और प्रतिशोध की आग जल उठी। उस अन्याय का बदला लेने के लिए उन्होंने अपनी चतुराई का इस्तेमाल किया।

परंतु धर्म की अवधारणा में, कर्म के फल में केवल कर्म नहीं, बल्कि उसका उद्देश्य भी मायने रखता है। शकुनी के बुरे कर्म थे, लेकिन उनका उद्देश्य अपने परिवार के साथ हुए अन्याय को समाप्त करना था। इसीलिए कहते हैं कि मृत्यु के बाद उन्हें स्वर्ग लोक की प्राप्ति

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