विक्रमादित्य: इतिहास का महानतम दानवीर

इतिहास में कई राजा-महाराजाओं के नाम दान और उदारता के लिए जाने जाते हैं, लेकिन जब बात आती है सबसे बड़े दानवीर की, तो सभी के मुख से एक ही नाम निकलता है — राजा विक्रमादित्य। प्राचीन भारत के इस महान शासक को न केवल अपनी न्यायप्रियता के लिए, बल्कि असीम दानशीलता के लिए भी युगों तक याद किया जाता है।

कहा जाता है कि विक्रमादित्य का दरबार सात सिद्ध विद्वानों से सुशोभित था, जिनमें कालिदास भी शामिल थे। लेकिन उनकी सच्ची महिमा उनके दान के कारण ही आज भी जीवित है। किताबों में लिखा मिलता है कि वे कभी भी किसी भिखारी या याचक को खाली हाथ नहीं लौटाते थे। कहानियों के अनुसार, एक बार एक ब्राह्मण ने उनसे सारा राज्य ही माँग लिया, तो विक्रमादित्य ने भी उसे देने के लिए तैयार हो गए।

इस तरह के अनेक उदाहरण उनके उदार चरित्र को उजागर करते हैं। उनकी दानवीरता केवल धन तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि वे ज्ञान, सम्मान और न्याय का भी उद

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