परम सत्य: जीवन का अटूट आधार
जीवन में परम सत्य वह एकमात्र चीज है जो सदैव अपरिवर्तित रहती है। हमारा शरीर बदलता है, विचार बदलते हैं, परिस्थितियाँ बदल जाती हैं, लेकिन जो सत्य उस सबके पीछे बना रहता है, वह अटूट है। यह सत्य कोई शब्द या धारणा नहीं, बल्कि एक शक्ति है जो पूरे ब्रह्मांड को एक सूत्र में बांधे रखती है।
प्रकृति के हर नियम में इसी सत्य की झलक दिखाई देती है। सूर्य निरंतर अपने मार्ग पर चलता है, मौसम अपने क्रम से बदलते हैं, और जीवन एक अदृश्य धागे से जुड़ा रहता है। ये सब इसलिए संभव है क्योंकि इस ब्रह्मांड को बनाए रखने वाला नियम सच्चाई पर टिका है।
ईश्वर द्वारा निर्मित नियम कभी भी अपने विपरीत काम नहीं करते। जैसे कारण के बिना प्रभाव नहीं होता, वैसे ही झूठ पर कुछ भी स्थायी नहीं बन सकता। अगर कोई क्षणभंगुर सुख झूठ से मिल भी जाए, तो वह टिकता नहीं। लेकिन जो जीवन सत्य के आधार पर बनता है, वह हर तूफान में भी डटा रहता है।
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