अरुण ग्रह: सौर मंडल का रहस्यमयी हरा-नीला ग्रह

अरुण ग्रह, जिसे अंग्रेजी में यूरेनस (Uranus) कहा जाता है, सूर्य से सातवाँ ग्रह है और दूरदर्शी से देखने पर इसका रंग हरा-नीला दिखाई देता है। यह रंग इसके वायुमंडल में मौजूद मीथेन गैस के कारण होता है, जो लाल प्रकाश को अवशोषित कर लेती है और नीले-हरे रंग को परावर्तित करती है।

अरुण ग्रह का वायुमंडल बेहद सघन है और इसमें मुख्य रूप से हाइड्रोजन, हीलियम और मीथेन की उपस्थिति होती है। यह ग्रह इतना ठंडा है कि इसका तापमान -224 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जो इसे सौर मंडल का सबसे ठंडा ग्रह बनाता है।

एक रोचक बात यह है कि अरुण ग्रह के चारों ओर भी छल्ले हैं—बिल्कुल शनि की तरह, हालाँकि ये छल्ले बहुत हल्के और कम चमकीले हैं, इसलिए इन्हें देखना मुश्किल होता है। इसके अलावा, अरुण ग्रह के 27 उपग्रह (चंद्रमा) हैं, जिनमें सबसे बड़े टाइटेनिया और ओबेरॉन हैं।

अरुण ग्रह अपनी धुरी पर अनोखे

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