शनि ग्रह इतना घना क्यों है?
कई लोगों का मानना है कि शनि इतना हल्का है कि अगर आप इसे पानी में रख दें, तो यह तैर जाएगा। लेकिन सच थोड़ा अलग है। शनि कठोर या ठोस नहीं है – यह ज्यादातर गैस से बना एक विशाल ग्रह है। इसका बाहरी हिस्सा मुख्य रूप से आणविक हाइड्रोजन से बना है, जो बहुत हल्का होता है।
लेकिन जैसे-जैसे आप शनि के केंद्र की ओर बढ़ते हैं, दबाव बढ़ता जाता है। इस भारी दबाव के कारण, हाइड्रोजन अंदर की ओर धात्विक हाइड्रोजन में बदल जाता है, जो बहुत अधिक सघन होता है। केंद्र के आसपास एक चट्टानी कोर भी हो सकता है, जो लोहा, निकल और अन्य भारी तत्वों से बना है।
यही कारण है कि शनि का औसत घनत्व कम लगता है, लेकिन यह असल में अंदर से काफी घना है। सघन पदार्थ गुरुत्वाकर्षण के कारण केंद्र में इकट्ठा हो जाते हैं – जैसा कि पृथ्वी पर भी होता है। इसलिए, हालांकि शनि के बाहरी हिस्से हल्के हैं, लेकिन इसकी आंतरिक संरचना बेहद जटिल और घनी है।
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