गांधी जी की छोटी इच्छा, बड़ा सपना

महात्मा गांधी के बारे में सब जानते हैं—एक सादगी के प्रतीक, अहिंसा के धनी, आजादी के लड़ाकू। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वे असल में डॉक्टर बनना चाहते थे?

हाँ, अगर फैसला पूरी तरह उनके हाथ में होता, तो गांधी जी शायद दवा का इलाज करते नजर आते। लेकिन उनका परिवार वैष्णव था, जहाँ चीरफाड़—शरीर को काटने का काम—अस्वीकार्य माना जाता था। इसलिए डॉक्टर बनने का सपना धीरे-धीरे दूर हो गया।

लेकिन परिवार में एक परंपरा थी—गुजरात के राजघरानों में उच्च पद पाने का सिलसिला। इस रास्ते को आगे बढ़ाने के लिए गांधी को बैरिस्टर बनना पड़ा। और इसी वजह से उन्हें अपने सपनों से एक कदम दूर हटकर इंग्लैंड जाना पड़ा।

शायद उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि एक बैरिस्टर बनने का यह फैसला एक दिन पूरे देश को आजादी की राह पर ले जाएगा। गांधी जी ने तो बस एक परिवार की उम्मीदों को निभाया, लेकिन इतिहास ने उन्हें दुनिया के सबसे ब

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