महात्मा गांधी: एक वकील जिसने देश को दिया आजादी का उपहार

महात्मा गांधी पेशे से एक वकील थे। उन्होंने भारत में न केवल कानून की पढ़ाई की, बल्कि इंग्लैंड में भी कानून की शिक्षा प्राप्त की थी। 1891 में बैरिस्टर की डिग्री लेने के बाद वे भारत लौटे और मुंबई में वकालत शुरू की, लेकिन जल्द ही दक्षिण अफ्रीका चले गए, जहां उन्होंने भारतीय मूल के लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष शुरू किया।

उनका अनुभव अफ्रीका में नस्लभेद के खिलाफ लड़ाई लड़ने से उन्हें एक नए मार्ग पर ले आया। वहां के संघर्ष ने उनके चरित्र और विचारों को गहराई दी। 1915 में भारत लौटने के बाद उन्होंने अपनी वकीली की पेशेवर जिंदगी को पूरी तरह त्याग दिया और देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। एक सफल वकील होने के बावजूद, उन्होंने धन, पद और सुविधाओं को ठुकरा दिया। उन्होंने अहिंसा, सत्य और स्वच्छंदता क

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