भारत में चाय उद्योग की शुरुआत और पहली चाय कंपनी
भारत में चाय का इतिहास काफी समृद्ध और दिलचस्प रहा है। जब भी भारत में चाय के व्यावसायिक उत्पादन की बात आती है, तो सबसे पहला नाम असम का ही लिया जाता है। भारत और असम में सर्वप्रथम चाय कंपनी की स्थापना 1839 ई. में हुई थी। इस कंपनी का नाम 'द असम कंपनी' (The Assam Company) था, जिसे भारत की ही नहीं बल्कि दुनिया की पहली व्यावसायिक चाय बागान कंपनी माना जाता है।
असम की ब्रह्मपुत्र घाटी में जंगली चाय के पौधों की पहचान के बाद, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में चाय उत्पादन को बढ़ावा दिया। इसके बाद 1839 में असम कंपनी का गठन किया गया ताकि बड़े पैमाने पर चाय की खेती और व्यापार किया जा सके। इस कंपनी की स्थापना में ब्रिटिश व्यापारियों के साथ-साथ प्रसिद्ध भारतीय उद्योगपति द्वारकानाथ टैगोर की भी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
1839 में बनी इस कंपनी के बाद से ही असम चाय उत्पादन का सबसे बड़ा केंद्र बन गया। आज असम की चाय अपनी कड़क स्वाद और खास खुशबू के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती है। इस प्रकार 1839 में रखी गई एक छोटी सी नींव ने आगे चलकर भारत को विश्व के प्रमुख चाय उत्पादक देशों की सूची में सबसे आगे खड़ा कर दिया।
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