अत्यधिक डर से उपजा फोबिया: एक गहरा मानसिक दबाव
डर इंसान की प्राकृतिक प्रतिक्रिया है, लेकिन जब यह सीमा से बाहर बढ़ जाए, तो वह खतरनाक रूप ले लेता है। ऐसा डर मानसिक विकार बन जाता है, जिसे फोबिया कहते हैं। यह नाम ग्रीक शब्द 'फोबोस' से लिया गया है, जिसका अर्थ है भय। फोबिया सामान्य डर से कहीं ज्यादा गहरा होता है—यह इतना तीव्र हो सकता है कि व्यक्ति तर्क और समझ से परे चला जाए।
फोबिया के चलते कोई व्यक्ति अपने आसपास के लोगों को नुकसान पहुँचा सकता है या फिर खुद को हानि पहुँचाने की कोशिश कर सकता है। ऐसे में वह अपनी जान भी ले सकता है। कई बार लोग सांप के डर, ऊंचाई के डर या भीड़ में जाने के डर से इतना त्रस्त हो जाते हैं कि उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।
यह डर केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मन की गहराई से जुड़ा होता है। ऐसे में इसका समय रहते इलाज बेहद जरूरी होता है। मनोचिकित्सा, परामर्श और कभी-कभी दवाओं के माध्यम से इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है
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