ओबीसी के संवैधानिक जन्मदाता – डॉ. आंबेडकर
बाबासाहब डॉ. भीमराव आंबेडकर को ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) का संवैधानिक जन्मदाता और रखवाला माना जाता है। यह जानना सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है कि ओबीसी वर्ग के अधिकारों और सम्मान के लिए उनका योगदान अद्वितीय है।
हालांकि ओबीसी की अवधारणा कुछ हद तक 1928 में शुरू हुई, जब बॉम्बे प्रांत के गवर्नर ने ब्रिटिश अधिकारी 'स्टार्ट' की अध्यक्षता में पिछड़ी जातियों के लिए एक समिति गठित की थी, लेकिन वास्तविक संवैधानिक मान्यता और सुरक्षा का जन्म डॉ. आंबेडकर के कारण हुआ। उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में पिछड़े वर्गों के लिए विशेष प्रावधान सुनिश्चित किए।
उनके प्रयासों से ही अनुच्छेद 15(4), 16(4), और अनुसूचित व पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का मार्ग प्रशस्त हुआ। डॉ. आंबेडकर ने न केवल दलितों के लिए, बल्कि सभी पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण के लिए आवाज उठाई। उनके विचार आज भी लाखों लोगों के लिए प्रे
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