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उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पताल में डिलीवरी पर मिलने वाली वित्तीय सहायता

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें सबसे प्रमुख जननी सुरक्षा योजना है, जिसके तहत सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी (प्रसव) कराने पर महिलाओं को सीधे तौर पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है।

इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता राशि को मुख्य रूप से दो क्षेत्रों, ग्रामीण और शहरी, में विभाजित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल में डिलीवरी कराने पर सरकार की तरफ से 1,400 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को अस्पताल तक लाने और उनकी देखभाल में मदद करने वाली आशा कार्यकर्ता को 600 रुपये प्रदान किए जाते हैं।

वहीं दूसरी ओर, शहरी क्षेत्रों में निवास करने वाली गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने पर सरकार द्वारा 1,000 रुपये की धनराशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। शहरी क्षेत्र में कार्यरत आशा कार्यकर्ता को 400 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है, इसलिए गर्भवती महिलाओं के पास अपना बैंक खाता और आधार कार्ड होना अनिवार्य है। इस योजना का लाभ उठाकर गरीब और जरूरतमंद परिवार बिना किसी वित्तीय तनाव के सुरक्षित प्रसव की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।

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