भारत में ब्रिटिश राजनीतिक अधिकार की रणनीति

भारत में अंग्रेजों के आगमन और उनके राजनीतिक अधिकार को लेकर इतिहास में विभिन्न दृष्टिकोण रहे हैं। कुछ इतिहासकार इसे एक व्यापारिक कंपनी का अनजाने में हुआ विस्तार मानते हैं, वहीं एक बड़ा वर्ग यह स्वीकार करता है कि अंग्रेज भारत में एक व्यापक और शक्तिशाली साम्राज्य स्थापित करने के इरादे से आए थे।

ब्रिटिश हुकूमत ने भारत में अपने पैर जमाने के लिए एक सुनियोजित योजना और दूरदर्शी रणनीति पर काम किया। भारतीय रियासतों के बीच आपसी मतभेदों और राजनीतिक अस्थिरता का लाभ उठाते हुए, उन्होंने कूटनीति और सैन्य बल का संतुलित इस्तेमाल किया। प्लासी और बक्सर जैसे युद्धों ने उनके इस साम्राज्यवादी सपने को धरातल पर उतारने का काम किया।

इस प्रकार, केवल व्यापारिक लाभ तक सीमित न रहकर, अंग्रेजों ने एक सोची-समझी चाल के तहत भारतीय क्षेत्रों को अपने पूर्ण नियंत्रण में ले लिया और सदियों लंबे औपनिवेशिक शासन की नींव रखी।

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