अमेरिका में कमाई और न्यूनतम मजदूरी का सच

अमेरिका दुनिया की सबसे मजबूत और समृद्ध अर्थव्यवस्थाओं में से एक माना जाता है। यहाँ की आर्थिक जीवनशैली और कमाई के अवसर दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। अगर औसतन आमदनी की बात करें, तो अमेरिका में प्रति व्यक्ति आय लगभग 55,000 डॉलर है। यह भारत जैसे विकासशील देशों की तुलना में करीब दस गुना अधिक है, जो वहाँ के उच्च जीवन स्तर को साफ दर्शाता है।

मजदूरी और काम के मुआवजे के मामले में अमेरिका में काफी सख्त नियम हैं। संघीय (राष्ट्रीय) स्तर पर वहाँ न्यूनतम मजदूरी 7.25 डॉलर प्रति घंटा तय की गई है। इसका अर्थ है कि किसी भी कर्मचारी को इससे कम राशि देना गैर-कानूनी है। हालाँकि, यह दर पूरे देश में एक जैसी नहीं रहती; अमेरिका के अलग-अलग राज्यों और प्रमुख शहरों के पास अपने नियम बनाने का अधिकार है। उदाहरण के लिए, वाशिंगटन, कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क जैसे समृद्ध राज्यों में स्थानीय न्यूनतम मजदूरी 15 डॉलर प्रति घंटा या उससे भी अधिक है।

अमेरिका में काम के घंटे भी तय होते हैं, जहाँ हफ्ते में 40 घंटे काम करना सामान्य माना जाता है। इससे अधिक समय तक काम करने पर ओवरटाइम का अतिरिक्त भुगतान मिलता है। यही वजह है कि वहाँ एक सामान्य मजदूर या पार्ट-टाइम काम करने वाला व्यक्ति भी अपनी बुनियादी जरूरतों को सम्मानजनक तरीके से पूरा कर पाता है। हालाँकि, इस अच्छी कमाई के साथ-साथ वहाँ रहने का खर्च, मकान का किराया और स्वास्थ्य सेवाएं भी काफी महंगी होती हैं।

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