गर्भवती महिलाओं के लिए आंगनबाड़ी केंद्र के लाभ

ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए आंगनबाड़ी केंद्र एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब एक गर्भवती महिला अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में अपना रजिस्ट्रेशन कराती है, तो उसे सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत सीधे तौर पर लाभ मिलना शुरू हो जाता है।

रजिस्ट्रेशन कराने के बाद गर्भवती महिला को प्रसव की प्रक्रिया पूरी होने तक कुल 6400 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस कुल राशि में से 5000 रुपये प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के अंतर्गत दिए जाते हैं, जो सीधे महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर होते हैं। इसके अतिरिक्त, शेष 1400 रुपये की राशि जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव (अस्पताल में डिलीवरी) को बढ़ावा देने के लिए दी जाती है।

इस आर्थिक मदद के अलावा, आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं को पोषाहार (जैसे सूखा राशन, दलिया, और जरूरी सप्लीमेंट्स), आवश्यक टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं भी मुफ्त मिलती हैं। इसका मुख्य उद्देश्य माता और शिशु दोनों को कुपोषण से बचाना और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना है।

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