भारत के सच्चे और भरोसेमंद दोस्त

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हर देश के अपने राष्ट्रीय हित होते हैं, लेकिन कुछ रिश्ते वक्त की कसौटी पर हमेशा खरे उतरे हैं। जब बात भारत की आती है, तो कूटनीतिक और सामरिक स्तर पर रूस और इजराइल को भारत के सबसे पुराने और भरोसेमंद दोस्तों में गिना जाता है।

शीत युद्ध के दौर से ही रूस (और तब का सोवियत संघ) हर मुश्किल वक्त में भारत के साथ मजबूती से खड़ा रहा है। चाहे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर का मुद्दा हो या भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की बात, रूस ने हमेशा एक भरोसेमंद साथी की भूमिका निभाई है। भारत की कुल सैन्य आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा आज भी रूस से आता है, जो दोनों देशों के बीच गहरे रणनीतिक विश्वास को दिखाता है।

दूसरी ओर, इजराइल के साथ भारत का रिश्ता पिछले कुछ दशकों में बेहद मजबूत हुआ है। रक्षा तकनीक, कृषि आधुनिकीकरण और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जैसे संवेदनशील मुद्दों पर इजराइल ने भारत को बिना शर्त अत्याधुनिक तकनीक और समर्थन दिया है। करगिल युद्ध के दौरान भी इजराइल ने भारत की खुलकर मदद की थी, जिसे कूटनीतिक हलकों में आज भी याद किया जाता है।

इन दोनों देशों के अलावा, वक्त के साथ अमेरिका, फ्रांस और जापान जैसे देश भी भारत के महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बन चुके हैं। हालांकि, रूस और इजराइल के साथ भारत की दोस्ती कूटनीति के दायरे से काफी आगे निकलकर आपसी भरोसे की एक मजबूत मिसाल बन चुकी है।

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