अमर पुरुषों की दिव्य कथा

“इस दुनिया में अमर कौन है?” — यह प्रश्न जब भी उठता है, तो पौराणिक कथाओं के पन्ने खुल जाते हैं। हिंदू धर्मग्रंथों में आठ महापुरुषों का उल्लेख ऐसे चिरंजीवी के रूप में किया गया है, जो आज भी इस धरती पर जीवित हैं।

इन आठ अमरों में अश्वत्थामा, हनुमानजी, विभीषण, महर्षि वेदव्यास, परशुराम, ऋषि मार्कण्डेय, राजा बलि और कृपाचार्य शामिल हैं। ये सभी भगवान विष्णु की कृपा या तपस्या के बल पर अमरता प्राप्त कर चुके हैं।

कृपाचार्य के बारे में कहा जाता है कि वे महर्षि गौतम के वंशज थे। उनके पिता का नाम शरद्वान था, जो स्वयं एक महान तपस्वी ऋषि थे। कृपाचार्य ने महाभारत काल में गुरु द्रोणाचार्य के साथ मिलकर कौरवों का मार्गदर्शन किया था।

हनुमानजी को तो आज भी कई साधु-संत जंगलों या गुफाओं में दर्शन देते हुए देखने की बात कहते हैं। विभीषण को लंका से लेकर श्रीरंगम तक भगवान राम की सेवा में जुड़े

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