इस्लाम में ईश्वर की अवधारणा: अल्लाह
इस्लाम धर्म में अल्लाह को ही एकमात्र और सर्वशक्तिमान ईश्वर माना गया है। मुस्लिम आस्था के अनुसार, इस पूरे ब्रह्मांड का निर्माता, रचयिता और पालनकर्ता केवल वही एक परमेश्वर है। उसके अलावा कोई अन्य पूजनीय नहीं है और उसकी कोई संतान या आकार नहीं है।
भाषाई और व्युत्पत्ति के दृष्टिकोण से, 'अल्लाह' शब्द अरबी भाषा के 'अल-इलाह' का संकुचित रूप माना जाता है, जिसका अर्थ होता है "वह एक ईश्वर"। इस नाम का इतिहास अत्यंत प्राचीन है और इसकी जड़ें शुरुआती सामी (Semitic) भाषाओं में देखने को मिलती हैं।
प्राचीन सामी ग्रंथों में ईश्वर के लिए 'इल' (Il), 'एल' (El) या 'एलोह' (Eloah) शब्दों का प्रयोग होता था। यही शब्द हिब्रू बाइबिल (ओल्ड टेस्टामेंट) में भी ईश्वर के लिए इस्तेमाल किए गए हैं। इस प्रकार, अल्लाह शब्द ईश्वर के उसी एक सार्वभौमिक और सनातन रूप को दर्शाता है।
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