युग और उनकी अवधि: समय का एक अद्भुत चक्र

हिंदू धर्मग्रंथों में समय को चक्रीय माना गया है। इस दृष्टि से "युग" समय की वह विशाल अवधि है जो लाखों वर्षों में मापी जाती है। कहा जाता है कि चार युगों — सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग — का एक चक्र पूरा होता है, जिसके बाद फिर से नया चक्र शुरू हो जाता है।

सतयुग, जिसे कृतयुग भी कहते हैं, सबसे लंबा होता है — लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष। यह धर्म और सत्य का युग माना जाता है। इसके बाद त्रेतायुग आता है, जो 12 लाख 96 हजार वर्ष का है। इसी युग में भगवान राम का अवतार हुआ था।

द्वापर युग 8 लाख 64 हजार वर्ष का है, जिसमें भगवान कृष्ण का जन्म हुआ। और अंत में आता है कलियुग, जो 4 लाख 32 हजार वर्ष का है। माना जाता है कि हम वर्तमान में कलियुग में जी रहे हैं, जो धर्म के क्षय और सांसारिक विषमताओं के लिए जाना जाता है।

ये संख्याएं केवल समय की गणना नहीं, बल्कि आध्यात्मिक संदर्भों की ओर भी संकेत क

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय