कम उम्र में शादी के गंभीर परिणाम

कम उम्र में शादी न सिर्फ किशोरों के जीवन को स्थायी रूप से प्रभावित करती है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और समाजिक विकास पर भी गहरा असर डालती है। जब लड़कियाँ या लड़के अभी बचपन से ही विवाह-बंधन में बंध जाते हैं, तो उनके साथ मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है।

ऐसी शादियों के कारण किशोर लड़कियों में गर्भावस्था जल्दी आ जाती है, जो उनके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। कई बार यह गर्भावस्था जटिलताओं या बच्चे की मृत्यु का कारण भी बन जाती है। चिकित्सकों के अनुसार, कम उम्र में प्रसव कराने वाली महिलाओं को गंभीर प्रजनन स्वास्थ्य समस्याएँ, जैसे झाड़ून बुखार, बच्चेदानी की गड़बड़ी और रक्तस्राव का खतरा रहता है।

इसके अलावा, समाज में स्थायी रूप से बाल विवाह को रोकना जरूरी है क्योंकि यह यौन संचारित रोगों के फैलने का खतरा बढ़ाता है। बच्चों को अपने अधिकारों के बारे में पता नहीं होता, और न ही

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