कलेक्टर और डीएम: एक ही व्यक्ति, दो महत्वपूर्ण भूमिकाएँ
कई बार लोग उलझन में पड़ जाते हैं कि कलेक्टर और डीएम (उपायुक्त) अलग-अलग हैं या एक ही व्यक्ति। असल में, कलेक्टर और डीएम एक ही व्यक्ति होते हैं, जो जिले में दो महत्वपूर्ण भूमिकाओं का निर्वहन करते हैं।
जब वे जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के रूप में कार्य करते हैं, तो उनकी जिम्मेदारी कानून व्यवस्था बनाए रखना और जिले में शांति सुनिश्चित करना होती है। इस भूमिका में वे पुलिस और अभियोजन एजेंसियों के प्रमुख होते हैं।
वहीं, कलेक्टर के रूप में वे राजस्व प्रशासन के प्रमुख होते हैं। इसके तहत भूमि कर (लैंड रेवेन्यू) का संग्रह, भूमि रिकॉर्ड्स का रखरखाव और जिले के किसानों व जमींदारों से जुड़े विवादों का निपटारा उनके दायरे में आता है। वे जिले में सर्वोच्च राजस्व न्यायिक प्राधिकरण भी होते हैं।
इस तरह, एक ही अधिकारी दोहरी भूमिका निभाता है — एक तरफ कानून व्यवस्था और दूसर
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