काला पानी: एक डरावना इतिहास

काला पानी वह डरावनी सजा थी, जिसके बारे में सुनते ही क्रांतिकारियों के भी होश उड़ जाते थे। यह कोई देश नहीं, बल्कि अतीत की एक कैद की सजा थी, जिसमें ब्रिटिश सरकार अपने राजनीतिक विरोधियों को दूर-दूर तक नहीं पहुंचने वाली जगह पर बंद कर देती थी।

यह सजा अंडमान और निकोबार द्वीप में दी जाती थी, जहां सेल्यूलर जेल बनाई गई थी। यह जेल आज भी पोर्ट ब्लेयर में मौजूद है और एक स्मारक के रूप में खुली है। ब्रिटिश समय में यहां राष्ट्रीय आंदोलन के कई महान नेता और क्रांतिकारी बंदी थे।

कारावास के दौरान कैदियों को कड़ी सजा में डाला जाता था। भोजन के लिए भीख मांगनी पड़ती थी, और शारीरिक दंड आम था। इस जेल का नाम ‘काला पानी’ इसलिए पड़ा क्योंकि यहां तक पहुंचने के लिए समुद्र के काले पानी को पार करना पड़ता था।

आज, सेल्यूलर जेल एक ऐतिहासिक स्थल है, जो देशभक्तों की बलिदान की याद दिलाता है। यहां के प्रदर्शन कक्ष म

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