लेटकर दूध पिलाना है खतरनाक? जानिए वैज्ञानिक सलाह
छह महीने तक के नवजात शिशुओं को लेटकर दूध पिलाना एक आम आदत है, खासकर भारतीय परिवारों में। कई माताएं इसे आसान समझकर रात में या थकान के कारण इस तरह से बच्चे को दूध पिला देती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत बच्चे के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है?
वास्तव में, लेटे-लेटे दूध पिलाने से दूध कभी-कभी नाक या कान के रास्ते भी जा सकता है। इससे कान के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। अगर समय पर इलाज न हो, तो इससे बच्चे की सुनने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है। बच्चे के छोटे ईस्टैचियन ट्यूब (कान और गले के बीच की नली) में दूध जमा होकर संक्रमण का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि शिशु को दूध पिलाते समय उसे रखें। इससे दूध सीधे पेट में जाता है और कान या फेफड़ों में जाने का खतरा कम होता है। जब तक बच्चे को खड़े होकर या बैठकर दूध पिलाने की आदत
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