कीड़ों से प्रभावित लोगों की संख्या
दुनिया भर में करोड़ों लोग कीड़ों (परजीवी कृमि) की समस्या से ग्रस्त हैं, खासकर गरीब और स्वच्छता से जूझ रहे क्षेत्रों में। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, लगभग 1.5 अरब लोगों—यानी दुनिया की आधी से अधिक आबादी—को कभी न कभी गोल कीड़े, फीता कीड़े या अन्य आंतों के कीड़ों की समस्या होती है।
भारत में भी यह समस्या आम है, खासकर बच्चों में। गंदे पानी, खराब स्वच्छता और नंगे पैर चलने से कीड़े शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। ऐसे कई मामलों में लोगों को पता भी नहीं चलता कि वे कीड़ों से संक्रमित हैं, क्योंकि लक्छन हल्के हो सकते हैं।
लेकिन अगर समय रहते इलाज न किया जाए, तो ये कीड़े कमजोरी, एनीमिया, पेट दर्द और बच्चों के विकास में रुकावट पैदा कर सकते हैं। स्कूली बच्चों में नियमित कीड़े निकालने की दवा (डिवर्मिंग) कार्यक्रम के माध्यम से इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा रहा है।
साफ-सफाई, अच्छे पोषण और नियमित स
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।