कुरान शरीफ और उसके अध्याय (सूरह)

कई बार लोग जिज्ञासावश यह सवाल पूछते हैं कि कुरान शरीफ में कितने तारे हैं, लेकिन वास्तव में कुरान कोई खगोलीय पुस्तक नहीं बल्कि एक पवित्र ईशवाणी (ईश्वर का संदेश) है। इसमें तारों की गिनती के बजाय जीवन जीने के सही मार्ग और आध्यात्मिक ज्ञान की बात की गई है।

यदि हम कुरान की संरचना को समझें, तो यह एक लगातार लिखे गए सामान्य लेख या किताब की तरह नहीं है। इसके बजाय, यह अलग-अलग खंडों और अध्यायों में विभाजित है। पवित्र कुरान के इन अध्यायों को 'सूरह' (या सूरत) कहा जाता है। ईश्वर ने स्वयं कुरान के इन हिस्सों के लिए 'सूर' शब्द का प्रयोग किया है।

पूरे कुरान शरीफ में कुल मिलाकर 114 सूरा हैं। प्रत्येक सूरह का अपना एक विशेष महत्व, विषय और संदेश है। इनमें से कुछ सूरह आकार में बहुत बड़े हैं, जबकि कुछ केवल कुछ पंक्तियों के ही हैं। इन सभी 114 सूरह का उद्देश्य इंसान को भलाई, शांति और ईश्वर की भक्ति का रास्ता दिखाना है।

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