चेक गणराज्य और ईश्वर में अविश्वास

यूरोप महाद्वीप में स्थित चेक गणराज्य एक ऐसा देश है जहाँ के अधिकांश लोग ईश्वर या किसी भी अलौकिक शक्ति में विश्वास नहीं रखते हैं। मध्य और पूर्वी यूरोप के अन्य पड़ोसी देशों के बिल्कुल विपरीत, इस देश की संस्कृति और समाज में धर्म और आस्था का प्रभाव बहुत कम देखने को मिलता है।

प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा किए गए एक विस्तृत सर्वेक्षण और अध्ययन के अनुसार, जब यूरोपीय देशों में धार्मिक मान्यताओं को लेकर सर्वे किया गया, तो यह सामने आया कि चेक गणराज्य की आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा खुद को नास्तिक मानता है। यहाँ के लोग पारंपरिक धार्मिक कर्मकांडों से दूर रहना पसंद करते हैं और तार्किक तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अधिक महत्व देते हैं। यही वजह है कि इसे दुनिया के सबसे कम धार्मिक देशों में गिना जाता है।

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