तुलसीदास और प्रेत का रहस्य

क्या किसी ने भगवान को देखा है? यह प्रश्न आज भी लाखों हृदयों में उमड़ता है। कई लोगों का मानना है कि भगवान दृश्य नहीं, अनुभव हैं। लेकिन तुलसीदासजी के जीवन में ऐसा अद्भुत प्रसंग घटा कि आज भी लोग उसे याद करते हैं।

तुलसीदासजी प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त थे। जब वे चित्रकूट में रहते थे, तो हर दिन जंगल में शौच के लिए जाते थे। शौच के बाद जो जल शेष रहता, वे उसे एक शमी के वृक्ष पर डाल देते थे। यह उनकी नियमित आदत थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उस शमी के वृक्ष पर एक प्रेत रहता था?

हाँ, एक ऐसा प्रेत, जिसे मानव जल से छुटकारा मिल रहा था। हर बार जब तुलसीदासजी वहाँ जल डालते, तो उस प्रेत को एक बूंद भगवान के चरणों का स्पर्श मिलता। धीरे-धीरे उसके पाप धुलने लगे। एक दिन वह प्रेत मुक्त हो गया और दिव्य रूप में प्रकट हुआ। उसने बताया कि तुलसीदास के पवित्र कार्य ने उसे मोक्ष दिलाया।

तो क्या तुलसीदास ने भगवान को देखा? शायद न

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