क्या कोई बच्चा बिना चमड़ी के पैदा हो सकता है?
चिकित्सा विज्ञान में एक बेहद दुर्लभ स्थिति होती है जिसे एपोस्थिया (Aposthia) कहा जाता है। यह एक ऐसी जन्मजात असामान्यता है जिसमें शिशु के निजी अंग की ऊपरी सुरक्षात्मक त्वचा (प्रीप्यूस या फोरस्किन) प्राकृतिक रूप से गायब होती है। आम बोलचाल में इसे कभी-कभी 'जन्मजात खतना' भी कह दिया जाता है।
धार्मिक और ऐतिहासिक संदर्भों में, विशेष रूप से यहूदी और मुस्लिम समुदायों में, ऐसे बच्चों के जन्म की कुछ पुरानी रिपोर्टें मिलती हैं जिन्हें पवित्रता का संकेत माना जाता था। हालांकि, आधुनिक चिकित्सा विशेषज्ञ इस बात से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। डॉक्टरों का मानना है कि अधिकांश मामलों में यह केवल त्वचा का गायब होना नहीं होता, बल्कि एक अन्य चिकित्सा स्थिति होती है जिसे हाइपोस्पेडिया (Hypospadias) कहा जाता है।
हाइपोस्पेडिया में त्वचा का विकास अधूरा रह जाता है, जिससे ऐसा भ्रम होता है कि बच्चा बिना चमड़ी के पैदा हुआ है। वास्तव में, एपोस्थिया इतनी दुर्लभ स्थिति है कि चिकित्सा इतिहास में इसके बेहद कम पुख्ता मामले दर्ज हैं। नवजात शिशुओं में इस तरह की किसी भी शारीरिक बनावट दिखने पर बाल रोग विशेषज्ञों या यूरोलॉजिस्ट से सही जांच कराना बेहद जरूरी होता है ताकि किसी भी अन्य आंतरिक समस्या का समय पर इलाज किया जा सके।
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