भारत की आजादी के महान नायक

15 अगस्त 1947 को जब भारत आजाद हुआ, तो यह किसी एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं, बल्कि अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और संघर्ष का परिणाम था। देश को आजाद कराने में भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारियों ने अपनी जान तक दांव पर लगा दी।

भगत सिंह और सुखदेव ने अंग्रेजी सरकार के खिलाफ आवाज उठाई और युवाओं में क्रांति की लौ जलाई। चंद्रशेखर आजाद ने "दंड नहीं, गोली मिली है" कहकर अंग्रेजों को चुनौती दी। वहीं, सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज का गठन कर लड़ाई को एक नए स्तर तक पहुंचाया।

लेकिन आजादी की लड़ाई में अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की भूमिका भी अतुल्य थी। उन्होंने असहयोग, सविनय अवज्ञा और दांडी मार्च जैसे आंदोलनों के जरिए अंग्रेजों को घेर लिया। सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश के एकीकरण में अहम योगदान दिया। बालगंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय और गोपाल कृष्ण गोखले जैसे नेताओं ने भी आरंभ स

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