लाल चंदन क्यों है महंगा?

लाल चंंदन सचमुच एक दुर्लभ और मूल्यवान लकड़ी है, और इसकी महंगाई के पीछे कई कारण हैं। हां, लाल चंदन वाकई महंगा है — कभी-कभी सोने से भी ज्यादा दाम में बिकता है। इसकी लकड़ी गहरे लाल रंग की होती है, जो समय के साथ और भी गाढ़ी हो जाती है। इसकी सुगंध मीठी और स्थायी होती है, जिसके कारण यह इत्र, अगरबत्ती और धार्मिक अनुष्ठानों में खास अहमियत रखता है।

लेकिन सवाल ये है कि आखिर क्यों इतना महंगा? सबसे बड़ी वजह — इसकी दुर्लभता। लाल चंदन का पेड़ बहुत धीरे-धीरे बढ़ता है। इसे परिपक्व होने में 20 से 30 साल लग जाते हैं। इसके अलावा, इसकी मांग भारत, चीन, जापान और मध्य पूर्व में बहुत अधिक है, जबकि उपलब्धता बहुत सीमित है।

एक और बड़ा कारण — अवैध कटाई। इसके कारण यह पेड़ लुप्तप्राय हो गया है। कई राज्यों में इसकी लकड़ी के पेड़ काटना या बाहर ले जाना गैरकानूनी है। फिर भी, काले धंधे के तहत इसकी तस्करी जारी है, ज

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