भारत और रूस से तेल आयात: एक नया बदलाव

हाल के वर्षों में भारत और रूस के बीच ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापार तेजी से बदला है। रूस से भारत का तेल आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो दोनों देशों के बीच मजबूत होते आर्थिक संबंधों को दर्शाता है।

साल 2021 तक भारतीय बाजार में रूसी तेल की हिस्सेदारी एक प्रतिशत से भी कम थी। लेकिन यूक्रेन संघर्ष के बाद उपजे वैश्विक हालात और रूस द्वारा दिए गए भारी डिस्काउंट के बाद इस स्थिति में बड़ा बदलाव आया। भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रियायती दरों पर रूसी तेल खरीदना शुरू किया, जिससे रूस भारत के शीर्ष तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो गया।

अक्टूबर के आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने रूस से प्रतिदिन लगभग 106,000 बैरल ईंधन तेल का आयात किया, जो उस समय का एक नया उच्च स्तर था। भारत की ऊर्जा कूटनीति का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों के लिए किफायती और लगातार ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करना है, और यह रणनीतिक फैसला इसी दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ है।

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