पोटाश डालने से खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ती है

किसानों के लिए फसल की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने में पोटाश खाद का बहुत बड़ा योगदान होता है। पोटाश मूल रूप से पोटैशियम पर आधारित एक उर्वरक है, जो पौधों की जड़ों को मजबूत करता है, फल और अनाज की गुणवत्ता सुधारता है और फसलों को बीमारियों से लड़ने की क्षमता देता है।

हालांकि, पिछले दो दशकों से जिले के अधिकांश किसान पोटाश के उपयोग से दूर रहे हैं। कई किसानों का मानना है कि नाइट्रोजन और फॉस्फेट ही काफी हैं, लेकिन ऐसा करने से मिट्टी में पोषक तत्वों की संतुलित कमी आ जाती है। इसी वजह से जमीन की उत्पादकता धीरे-धीरे घट रही है।

अब कृषि विभाग और आंचलिक कृषि अनुसंधान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को पुनः पोटाश के महत्व से अवगत कराया है। उनका कहना है कि संतुलित खाद योजना में पोटाश का अहम रोल है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सीमित और लगातार पोटाश के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है और

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