गंगा जी का पृथ्वी पर अवतरण
गंगा जी का पृथ्वी पर आगमन एक पवित्र और दिव्य घटना थी, जो सदियों से भारतीय संस्कृति में गहरी आस्था का प्रतीक बनी हुई है। प्राचीन कथाओं के अनुसार, गंगा जी का उद्गम स्वर्ग से हुआ। वे पहले ब्रह्मा जी के कमंडल से निकलीं, लेकिन उनके इतने तेज के कारण उन्हें सीधे पृथ्वी पर छोड़ने से पूरी धरती बह जाती।
तब भगवान शिव ने महान करुणा दिखाते हुए गंगा को अपनी जटाओं में ग्रहण कर लिया। उन्होंने धीरे-धीरे अपने जटाजूट से उन्हें पृथ्वी पर उतारा, ताकि उनका प्रवाह मानव जनता के लिए लाभदायक हो। यहीं से गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ।
इसके पीछे एक महान तपस्या भी थी। महाराजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों, महाराजा सगर के 60 हजार पुत्रों को मोक्ष दिलाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर देवताओं ने गंगा को पृथ्वी पर भेजा। इसी कारण गंगा को 'भागीरथी' भी कहा जाता है।
आज भी लाखों लोग गंगा के पवित्र जल में डुबकी लगाकर पापों से मु
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