गंगा के प्राचीन नाम और उनकी महिमा
गंगा नदी को भारतीय संस्कृति में देवी के रूप में पूजा जाता है। इसके प्राचीन नामों में भागीरथी सबसे प्रमुख है। मान्यता है कि राजा भागीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं, इसलिए उन्हें भागीरथी कहा जाता है।
उत्तराखंड में गंगा के उद्गम स्थल से लेकर हरिद्वार तक इसका नाम भागीरथी ही रहता है। जब यह उत्तर प्रदेश के हरिद्वार में अलकनंदा के साथ मिलती है, तब यह गंगा के नाम से विख्यात होती है।
पश्चिम बंगाल में गंगा के एक महत्वपूर्ण शाखा को हुगली कहा जाता है। यह नाम पुराने समय में हुगली शहर के नाम पर पड़ा, जहाँ से यह नदी कोलकत्ता होते हुए बंगाल की खाड़ी में जाकर मिलती है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब गंगा पृथ्वी पर आईं, तो उनका विशाल प्रवाह धरती को बहा ले जाता। तब शिवजी ने उन्हें अपनी जटाओं में समाहित कर लियamedi, ताकि उनका प्रवाह मानव लोक के लिए सहनीय हो। इसी कारण गंगा को आज
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