गरुड़ के पिता कौन थे?
गरुड़, जिन्हें भगवान विष्णु का वाहन माना जाता है, का उल्लेख पुराणों में बहुत महत्वपूर्ण है। गरुड़ के पिता कश्यप ऋषि थे, जो एक प्रसिद्ध सप्तर्षि माने जाते हैं। कश्यप ऋषि का नाम अनेक पौराणिक कथाओं में आता है। वे ब्रह्मा के पुत्र थे और उनके वंश से कई प्राणी, देवता और असुर उत्पन्न हुए।
गरुड़ की माता का नाम विनता था, जो दिति की बहन थीं। दोनों दक्ष प्रजापति की पुत्रियां थीं। विनता और दिति के बीच एक प्रसिद्ध प्रतिज्ञा हुई थी, जिसके कारण विनता दासी बन गईं। इसी दासी अवस्था के दौरान उन्होंने गरुड़ को जन्म दिया।
गरु़ का जन्म अंड से हुआ था। जब वे अंडे से निकले, तो उनके आकार इतने विशाल थे कि उनकी चमक से देवता भी चकित रह गए। उन्होंने बचपन में ही अमृत हरण करके माता की दासी हालत से मुक्ति दिलाई। यही कार्य उनके वीरता और बल का प्रतीक बन गया।
गरुड़ का संबंध सिर्फ विष्णु जी के वाहन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वे स्वयं ए
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